Showing posts with label Festival. Show all posts
Showing posts with label Festival. Show all posts
Online Push Me

Teachers Day Speech And Quotes


हेलो दोस्तों जैसा कि आप लोगों को पता ही है कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है इसलिए हम लोग स्कूल में जाकर खुशियां मनाते हैं शिक्षक दिवस की स्पीच और कुछ शायरियां यहां पर बताऊंगा जो की सरल भाषा में लिखा गया है जिसे आप पढ़कर अपने स्कूल में सुना सकते हैं और अपने मनोबल को बढ़ा सकते हैं और अपने शिक्षक लोगों के प्रति आपका सम्मान दिखा सकते हैं

शिक्षक दिवस Speech 
जैसा कि आप लोग जानते हैं दोस्तों कि शिक्षक दिवस डॉक्टर राधाकृष्ण सर्वपल्ली के जन्मदिन के दिन ही मनाया जाता है इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत काम किए इनका बहुत बड़ा योगदान है इसीलिए उनके जन्मदिन पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है,
शिक्षक दिवस के दिन बच्चे अपने स्कूलों में बहुत ही धूमधाम के साथ अपने अपने भाषण देते हैं और अपने गुरुओं के प्रति सम्मान करते हैं अपने गुरु के बारे में सम्मानजनक बातें बोलकर उनका सिर गर्व से ऊंचा करते हैं और गुरु की अहमियत बताते हैं,


Teachers Day Quotes

"शिक्षक एक मोमबत्ती के तरह होते हैं वह खुद को जल कर हम सब को रोशन कर देते हैं"

" अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाले गुरु,
जीवन की राह दिखाने वाला गुरु,
नालायक को इंसान बनाने वाला गुरु, हमेशा महान होता है"

"गुरु आप ही मेरी जीवन के प्रकाश हैं, गुरु आप ही मेरे जीवन के स्तंभ है आप ही मेरे जीवन के चिंगारी है प्रेरणा है,
मैं मन की गहराइयों से आपका बहुत आभारी हूं"

" अज्ञानता को दूर करके आपने मेरी जीवन में ज्ञान की ज्योति जलाई है,
गुरु के चरणों में रहकर हमने सब शिक्षा पाई हैं,
गलत राह पर जब भी भटके तो गुरु ने हमें राह दिखाई है"

" मां बाप की मूरत है गुरु
कलयुग में भगवान की सूरत है गुरु"


" सही क्या है गलत क्या है यह सब बताते हैं
आप सच क्या है झूठ क्या है यह सब समझाते हैं आप,
जब सोचता नहीं है कुछ भी तब बड़ा दिखाते हैं आप"

" आपसे ही सीखा है आपसे ही जाना है
आपको ही हमने गुरु माना है,
सीखा एक सब कुछ आपसे हमने
कलम का मतलब आप से जाना है"

" शिक्षक के पास वो काला है जो मिट्टी के बर्तन को सोने में बदल देती है"

" आप हमें बताते हो,
आप हमें समझाते हो ,
आप से ही बच्चों का भविष्य,
आप ही तो बनाते हो"

तो दोस्तों उम्मीद करता हूं कि यह पोस्ट आपको अच्छा लगा होगा









Read More
Online Push Me

गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है

जैसा कि गणेश चतुर्थी हमारे त्योहारों में से एक है और यह मुंबई शहर में खासकर बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है तो आप जानते ही होंगे किया क्यों मनाया जाता है इसके पीछे कौन सी कहानी छिपी हुई है अगर आप नहीं जानते हैं तो चलिए आपको बताते हैं

हमारे पुराणों के अनुसार गणेश जी का जन्म इसी तिथि को हुआ था जिसकी वजह से गणेश चतुर्थी मनाया जाता है या हिंदुओं के प्रमुख त्यौहार में से एक त्यौहार माने जाते हैं गणेश चतुर्थी के दिन गणेश भगवान की छोटे से लेकर बड़े मूर्तियां स्थापित की जाती है और इसे 9 दिन तक बहुत ही धूमधाम के साथ रखा जाता है और पूजा किया जाता है बड़ी संख्या में लोग आसपास से आते हैं भगवान श्री गणेश का दर्शन करने फिर 9 दिन बाद गाजे-बाजे के साथ श्री गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जित कर दिया जाता है

1. गणेश चतुर्थी की कहानी

एक बार की बात है सभी देवी देवताओं ने किसी बात को लेकर बहुत ही मुश्किल में थे तो उन्होंने राय विचार करके भगवान श्री शंकर के पास आए जब वहां आए तो वहां पर गणेश जी और कार्तिकेय जी अपने मम्मी के पापा के पास ही बैठे थे सभी देवी देवताओं ने अपने समस्या का हाल शंकर जी से पूछा तो शंकर जी ने अपने दौड़ने बेटे श्री गणेश जी और श्री कार्तिकेय जी से पूछा की-
वह बोले कि तुम दोनों में से कौन इन लोगों का समस्या हल करेगा तो वह दोनों भाई ही तैयार हो गया लेकिन इस पर भगवान शंकर जी ने एक प्रतियोगिता रखें उन्होंने कहा कि आप दोनों में से जो सबसे पहले पृथ्वी का भ्रमण करके आएगा वही इन देवताओं का समस्या का हल करेंगे, यह बात सुनकर दोनों भाई मान गए,

यह सब बात सुनते ही कार्तिकेय जी अपनी सवारी मोर पर बैठकर तुरंत पृथ्वी का भ्रमण करने चले गए जबकि गणेश जी के पास तो चूहा की सवारी थी तो वह सोचने लगे कि मैं क्या करूं फिर कुछ देर सोचने के बाद वह चूहे पर बैठकर अपने माता पिता शंकर पर्वती के पास गए और उनके सात चक्कर लगाकर फिर वह अपने स्थान पर आकर बैठ गए
यह सारे दृश्य सभी देवी देवताओं देख रहे थे फिर कुछ समय बाद कार्तिकेय जी पृथ्वी का परिक्रमा करने के बाद खुश होते हुए आए और अपनी विजय की घोषणा करते हुए खुशी मना रहे थे तभी शंकर जी ने गणेश जी से पूछा की गणेश तूने क्यों नहीं पृथ्वी की परिक्रमा की तब गणेश जी ने उत्तर देते हुए कहा कि - " माता-पिता में ही तो मेरा सारा संसार बसा हुआ है"
तुम्हें किसकी परिक्रमा करने जाऊं मेरा संसार तो यहीं पर हैं
चाहेंगे पृथ्वी की परिक्रमा करो या माता-पिता की दोनों बराबर ही है यह बात सुनकर भगवान शंकर ने उनको विजय घोषित कर दिया और सभी देवी देवताओं को समस्याओं को हल करने को भी आज्ञा दे दिया

"साथ ही शिवजी नें गणेश जी को यह भी आशीर्वाद दिया कि कृष्ण पक्ष के चतुर्थी में जो भी व्यक्ति तुम्हारी पूजा और व्रत करेगा उसके सभी दुःख दूर होंगे और भौतिक सुखों की प्राप्ति होगी।"

तो दोस्तों उम्मीद करता हूं कि यह कहानी आपको अच्छी लगी हुई होगी ऐसे ही व्रत त्योहारों के बारे में जानने के लिए वेबसाइट को विजिट करते रहें


Tags :- Ganesh Chaturthi Story, ganesh chaturthi, ganesh chaturthi songs, ganesh chaturthi status, ganesh chaturthi 2019, ganesh chaturthi kab hai, ganesh chaturthi drawing, ganesh chaturthi whatsapp status, ganesh chaturthi decoration, ganesh chaturthi recipes, ganesh chaturthi dance




Read More
Online Push Me

अबकी बार किसकी सरकार? 2019 ka chunaav kon jitega BJP VS Congress

ये तो हम सभी को पता है, कि 2019 के लोकसभा के चुनाव नजदिक आ रहे है। ऐसे मे हम सभी के मन मे एक सवाल जरुर उठता होगा, इस बार 2019 का चुनाव कोन जीतेगा,  या इस बार लोकसभा का चुनाव कोन जीतेगा। यह एक बहुत बडी समस्या है, आज के इस आर्टिकल को लिखने का उद्देश्य यही है, इस बार हम किसको वोट दे ताकि वो हमारे देश के अर्थव्यवस्था को बनाएँ रखे।


2019-ka-chunaav-kon-jitega.

आज मे आपको बताऊँगा कि इस बार 2019 के लोकसभा के चुनाव मे हम किसको वोट दे ताकि किसी गलत व्यक्ति के हाथ मे हमारा ओर हमारे आने वाले भावी पीढ़ी के भविष्य ना चले जाएँ।

आप सभी से गुजारिश है कि हम अपने ब्लॉग के माध्यम से जनना चाहते है कि इस बार 23 मई (चुनाव कोन जीतेगा )का दिन किसका होगा। नीचे दिए गए link पर अपनी राय अवश्य दे।


●अबकी बार किसकी सरकार

चुनाव आने पर इस बात का फैसला या निर्णय लेना बहुत कठिन हो जाता है, मैने देखा है, कि अक्सर लोग इस विषय(चुनाव) पर बात करने से भी डरते है, क्योकि उन्हे लगता है कि अगर हम ये बात बता दे कि इस बार हम किसको वोट देने वाले है, तो शायद हमारी किसी से दुश्मनी ना हो जाएँ। ओर ये सही बात भी है,आय दिन हमे सामाचार पत्र और न्यूज चैनल के माध्यम से ऐसे बहुत से धटना देखने को मिलते रहते है।


शायद इसी कारण हम चुनाव से संबधित किसी भी विषय पर बात करना पसंद नही करते ।ओर एक यही  कारण है कि हम सही या गलत का फैसला भी नही कर पाते । ओर गलत हाथो मे देश का डोर चला जाता है, और फिर ऐसे नेता हमारे ओर हमारे देश के साथ खिलवाड़ करते है ।
 हम सभी को एक देश का नागकरिक होने के नाते इसके खिलाफ आवाज ऊठाना होगा, क्योकि जब तक ऐसे भ्रष्टाचारी रहेगे हमारा ओर हमारे देश का विकास नही हो सकता ।
जैसे की हमे पता है हमारा भारत एक लोक्तंतंत्र का देश है, यहाँ पर हर काम जनता के द्वारा और जनता के लिए होता है।


जरूरी सुचना : अपने अधिकार का इस्तमाल करे,और वोट डालने अवश्य जाएँ, आपका एक वोट बहुत कीमती है।

●वोट किसे दे?

चलिए अब मे आपको बताता हूँ, हमे या आपको
इस लोकसभा के चुनाव मे किसको वोट देना चाहिए, या इस बार देश को चलाने के लिए किसे प्रधानमंत्री चुने।
  • सबसे पहली ओर महत्तवपूर्ण तथ्य अपने मताधिकार का प्रयोग करे, और मतदान अवश्य करे। ताकि आपके नाम पर कोई दूसरा वोट ना ड़ाल सके, मतलब कोई दूसरा आपके अधिकार का गलत इस्तमाल ना कर सके 
  • दूसरी सबसे बड़ी बात वोट ड़ालने से पहले अपने परिवार के सदस्य के साथ बैठकर सलाह जरूर ले ले, कि आपके घर के सदस्य की क्या राय है।
  • तीसरी ओर आखिरी बात जो आपको लगता है कि ये पार्टी हमारे ओर हमारे देश के लिए सही है, केवल उसी को वोट दे।
चुनाव आते ही नेताओ का प्रचार करने का काम शुरु हो जाता है। चुनाव मे जीतने के लिए कई वादे भी किए जाते है, जो चुनाव जीतने के बाद कभी भी पूरे नही होते। ऐसी बहुत-सी पार्टी है जो गैर कानूनी रुप से भी चुनाव जीतने की कोशिश करते है।


●किसको वोट ना दे :

देश का हर एक नागरिक चाहता है कि जिस देश मे वह रहते है उनका देश भी एक विकसित देशो की लिस्ट मे आए, उनके देश की अर्थव्यवथा अच्छी हो। इन सभी के लिए देश मे ऐसे नेता या पार्टी हो जो भारत देश को फिर से सोने की चिड़ियाँ बना दे, कहते का तात्पर्य यह है कि वोट ऐसे को दे जो ईमानदार हो। अगर देश का नेता  ईमानदार होगा तो जाहिर-सी बात देश खुद ही तरक्की की राह की ओर जाएगाँ ।

  • किसी ने सही कहा है 'जो बाँटे दारु,साड़ी,नोट, उसको कभी ना देना वोट' अर्थ आपको भलि -भाँति समझ मे आ गया होगा।
  • अपने अधिकार को किसी के हाथो ना बेचे अथात् अपने वोट को किसी को भी ना बेचे।
जरूरी सुचना: अगर आप किसी को भी वोट नही देना चाहते फिर भी N.O.T.A का बटन दबाकर मतदान अवश्य करे।

अगर आप किसी को भी वोट नही देना चाहते फिर भी N.O.T.A का बटन दबाकर मतदान अवश्य करे।
मेरे ख्याल से ऊपर के कुछ बातो को पढ़कर अब आप मतदान जरूर करने जाएँगे ओर अपने अधिकार का इस्तमाल जरुर करेगे,क्योकि आपका एक-एक वोट हमारे देश के लिए कीमती है। 
Read More
Online Push Me

Happy holi essay in hindi. होली पर निबंध।

आप सभी भारतवासी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ। रंगो का ये त्योहार हमारे जीवन की तरह आपके जीवन मे भी खुशियाँ बिखेड़ देँ। ▪होली क्या है :
फाल्गुन मास मे मनाएँ जाने वाला रंगो के त्योहार को होली कहते है। इस दिन सभी एक-दूसरे को रंग लगाकर होली के इस त्योहार का जश्न मनाते है। फाल्गुन मास से ग्रीष्म के महीने मे इसका आगमन हो जाता है, ग्रीष्म मे होली के इस पावन त्योहार का आंनद सभी भारतवासी एक-दूसरे को रंग लगाकर लेते है। इस दिन सभी सफेद कपड़े पहनकर रंगो के इस त्योहार को अपने जीवन मे रंग लगाकर धारण करते है। होली का त्योहार प्रेम और शांति का प्रतिक माना जाता है। इस दिन पराएँ भी अपने बन जाते है, और आपस के मतभेद को भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाकर अपने ने जीवन का आरंभ करते है।
Happy-holi-essay

होली कब मनाई जाती है : होली हिन्दुओँ का श्रेष्ट त्योहार है,यह त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता हैँ। पूर्णिमा की रात मे नगर के चौराहे पर होलिका दहन होता हैँ।और होलिका दहन के अगले ही दिन रंग और गुलाल से सब लोग होली खेलते है। यह त्योहार हमारे देश के सभी हिस्सोँ मेँ बड़ी धूमधाम से मनाया जाता हैँ। इस दिन पराएँ भी अपने बन जाते है, ओर सारे मतभेद भुलाकर गले लगा लेते है। इस त्योहार का उत्साह ज्यादातर बच्चे, नवयुवक/नवयुवतियो मे देखने को मिलता हैँ। उत्तर भारत मे यह त्योहार बड़े धुमधाम से मनाया जाता है।


होली के रंगो का महत्व : अपने दैनिक जीवन की तरह ही होली के रंगो का भी भारतीय परंपरा मे बहुत अधिक महत्व है, होली के ये रंग भाईचारे ओर मिलन का प्रतिक है।

  • होली के लाल रंग का महत्व : इस लाल रंग का महत्व हमारे भारतीय परंपरा मे बहुत अधिक है, ये लाल रंग प्रेम, क्रोध, ऊर्जा और साहस का प्रतिक माना जाता है।
  •  होली के सफेद रंग का महत्व : सफेद रंग शांति और संवेदना का प्रतिक है। इसी कारण इस दिन सभी सफेद रंग के वस्त्र धारण कर शांतिपूर्वक इस त्योहार को प्रेम भाव के साथ मनाते है।
  •  होली के हरे रंग का महत्व : हरे रंग का महत्व शीतलता, हरियाली, ओर सकारात्मक का प्रतीक हैं।यह रंग जीवन मे महत्वपूर्ण फैसले लेने मे शीतलता प्रदान करते है। तभी तो इस दिन पराएँ भी अपने बन जाते है।
  • होली के पीले रंग का महत्व : पीले रंग का महत्व होली ही नही बल्कि पूरे फाल्गुन मास मे इसका बहुत अधिक महत्व होता है। विद्या की देवी 'माँ सरस्वती' को भी पीले पुष्प, पीले भोजन ओर पीले वस्त्र से बहुत ज्यादा स्नेह था।
  • होली के नीले रंग का महत्व : नीला रंग आसमान के भाँति शांत ,शीतलता और प्रेम का प्रतिक माना जाता है। इस रंग का हमारे जीवन मे बहुत अधिक योगदान होता है। यह रंग हमारे इंद्रियो को भी काबू मे रखते है।

होली मनाने का तरीका : होली पूरे भारतवर्ष मे बड़े धुमधाम से मनाया जाता है, लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर अपनी खुशी को व्यक्त करते है। देश के सभी हिस्सो मे इस तयोहार को बड़ी धुमधाम से मनाया जाता है। परंतु वृंदावन  मे यह त्योहार विशेष उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है, वहाँ के लोग इस त्योहार को पैतालिस दिन तक मनाते है।
☆Happy holi☆
Read More
Online Push Me

होली क्यो मनाई जाती है। why we celebrate holi?

आप सभी भारतवासियो को 2019 की होली की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ। होली हिन्दुओ का प्रमुख ओर धार्मिक त्योहार है, तभी तो होली हमारे भारतीय परंपरागत रुप से चली आ रही है।होली हिन्दुओं का श्रेष्ट त्योहार है,यह त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता हैं। होली का इतिहास इतना पुराना है कि ये बता पाना मुश्किल है कि हमारे भारतीय परंपरा मे होली कब से मनाई जा रही है।
Why-we-celebrate-holi-in-hindi

परंतु इतिहास मे होली को मनाने के ऐसे बहुत से कहानी सुनने को मिलते है, जिनमे से सबसे प्रचलित कहानी हिरण्य कश्यप पुत्र "प्रहलाद" की है। आज मे आपको बताऊँगा कि भारतीय इतिहार,कुरान,भागवत गीता के कहे गए अनुसार होली क्यों मनाई जाती है।


हिरण्य कश्यप एक बहुत बड़ा असुर था, जिसने अपने कठोर तपस्या से ब्रह्मा जी से अपने ना मरने का वरदान पा लिया था।उसके बाद उसने अपने पूये राज मे ये घोषणा करवायाँ दिया कि आज से सभी उनके राजा हिरण्य कश्यप की पूजा करेगे, भय के कारण सभी ग्रामीण वासी उसकी पूजा करने लगे। परंतु उसका पूत्र प्रहलाद विष्णुजी का बहुत बड़ा भक्त था। यह बात उसके पिता हिरण्य कश्यप को बिल्कुल भी अच्छी नही लगती थी, वह चाहता था कि अन्य सभी की भाँति उसका पुत्र भी उसकी पुजा करे , अर्थात ईश्वर का दर्जा दे।

 परंतु ऐसा ना होने पर उसके पिता हिरण्य कश्यप क्रोध मे आकर कई बार प्रहलाद को मारने की कोशिश की ,एक बार हिरण्य कश्यप ने अपने सैनिको को आर्देश देकर प्रहलाद को पहाड़ से नीचे गिरवाने का आर्देश दिया परंतु वह असफल रहा। भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद को बचा लिया । फिर एक बार हिरण्य कश्यप की बहन होलिका ने कहाँ कि उसे भगवान शिव से आग मे ना जलने की शक्ति प्रदान है।
फिर एक योजना बनाकर होलिका ने प्रहलाद को गोद मे लेकर आग के पास बैठ गई ताकि आग मे जलकर भस्म हो जाएँ परंतु बनाएँ गए योजना के विपरित सब कुछ हुआ। प्रहलाद की जान बच गई और होलिका आग मे जलकर भस्म हो गई।
उसी दिन से होली का त्योहार पूरे भारतवर्ष मे बड़े धुमधाम से मनाया जाने लगा। हमारे साइट्स को सब्सक्राइब करे।
Read More
Online Push Me

happy holi quotes in hindi. 2019 होली शायरी।

आप सभी भारतवासी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ। रंगो का ये त्योहार हमारे जीवन की तरह आपके जीवन मे भी खुशियाँ बिखेड़ दें। होली हिन्दुओँ का श्रेष्ट त्योहार हैं,यह त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता हैं।
पूर्णिमा की रात मे नगर के चौराहे पर होलिका दहन होता है।और होलिका दहन के अगले ही दिन रंग और गुलाल से सब लोग होली खेलते है। यह त्योहार हमारे देश के सभी हिस्सों मे बड़ी धूमधाम से मनाया जाता हैैं। इस दिन पराएँ भी अपने बन जाते है,


Happy-holi-shayari

ओर सारे मतभेद भुलाकर गले लगा लेते है। इस त्योहार का उत्साह ज्यादातर बच्चे, नवयुवक/नवयुवतियो मे देखने को मिलता हैं।
उत्तर भारत मे यह त्योहार बड़े धुमधाम से मनाया जाता है। इस होली के त्योहार के शुभ अवसर पर आज मे आपके लिए कुछ होली के ऊपर शायरी लाया हूँ।

♧Happy holi quotes. होली की शायरी। 

Holi shayari for love ♡
☆हिन्दुओँ का है, श्रेष्ठ त्योहार ,
 वो है होली का त्योहार। 
होली मुबारक हो आप सभी को,
 जो करते है, भारत देश से प्यार।

 ☆प्यार के रंग होली के संग, 
बिताएँ पल याद आते है।
 प्यार के रंग लगाने पर, 
single mingle मे पड जाते हैँ । 

Holi shayari for relationship
 ☆रिश्तो मे चाहे जितनी भी हो खटास ।
 अबकी बार अपनो के साथ मनाएँगे,
 होली का त्योहार ।

☆कमजोर रिश्ते मजबूत हो जाते, 
होली के रंग मे गम धुल जाते । 
होली मुबारक हो उन यारो को, 
जो पूरे साल दुख-सुख मे साथ निभाते।

Holi shayari for holi limitation 
☆बुरा ना मानो होली है,
 अक्सर ऐसा कहते सब लोग। 
मर्यादा मे रहकर खेलेगे होली, 
क्योँकि दुनिया अब है गोल। 

holi shayari for lover's
 ☆खेलेगे प्रेम की होली, 
ले जाएगे तुम्हारी डोली।
 देखते रहना आएँगे तुम्हारेँ पास खेलने होली। 

☆होली का ये पावन त्योहार,
 रंगो के है हम मोहताज।
 गम भुला अबकी बार मनाएँगे, 
हम होली का त्योहार। 

holi shayari for holi importance

 ☆होली का अर्थ है खुशिया बाटँना, 
अपनो के गम को कम करना। 
रंग लगाकर इस त्योहार, 
होली के जश्न को मनाना। 
Holi shayari for best friends 
☆रंग-बरसे होली के,
 दुश्मन भी दोस्त बन जाते है। 
इस त्योहार गले लगाकर, 
पराएँ भी अपने बन जाते।

 ☆मिलन का ये त्योहार, 
प्रतीक है भाईचारे का मेरे यार। 
शत्रुता मिटा कर गले लगाएँगे, 
रंग लगाकर दोस्ती का हाथ बढाएँगे। 

☆रंगो का ये त्योहार, 
होली खेलेगे अबकी बार।
 दुश्मनी को भुलाकर, 
रंग लगाएँगे सबको इस बार। 
Holi shayari for Romantic couple's 
☆चढ़ा है प्रेम का नशा, 
भांग जो तुमने पिलाया है।
 होली के इस शुभ अवसर पर,
 जो गुलाल तुमने लगाया हैँ। 

☆होली का ये रंग,
 हो जन्मोँ का हमारा-तुम्हारा संग। 
दुर ना जाना हमसे, 
तुम्हेँ होली के इस लाल रंग की कसम।

आप सभी दोस्तो को एक बार फिर से होली की हार्दिक शुभकामनाएँ। ऐसी ही शायरी ईमेल मेँ पाने के लिए साईट को सब्सक्राइब करें। शायरी आपको कैसी कमेँट करेँ।
Read More
Online Push Me

Republic day essay on 2019 : गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाये : निबंध 600 शब्द

आप सभी भारतवासी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। यह पर्व हमे उन वीरोँ की कुर्बानी को याद करते हैँ, देश के प्रधानमंत्री के द्वारा अमर जवान ज्योँति पर श्रद्धांजलि दी जाती है

गणतंत्र दिवस मनाने का कारण :

गणतंत्र दिवस हमारे भारत देश का राष्ट्रीय पर्व है।यह पर्व भारतीय एकता का प्रतीक है,इस दिन को हम इसलिएँ भी याद रखतेँ हैँ,क्योकिँ इसी दिन हमारे भारत देश को गणतंत्रा प्राप्त हुई थी,अथार्त भारत देश का संविधान लागू हुआ था।पंडित जवाहर लाल नेहरु ने 26 जनवरी,1930 को अंग्रेज़ो के सामने पूर्ण स्वराज माँग की प्रस्तावना रखी थी।
Happy Republic day

 15 अगस्त,1947 को हमारा देश आजाद तो हो गया था परंतु देश को चलाने के लिए हमारे पास कोई संविधान नही था। फिर डाॅ.भीमराव अम्बेडकर ओर उनके टीम ने मिलकर भारत के संविधान को 2 साल 11 महीने 18 दिन मे इस कठिन काम को पूरा कर 26 नम्बंर 1949 को अंगित किया,ओर फिर 2 महिने बाद 26 जनवरी 1950 मे भारत देश का संविधान लागू हुआ और उसी दिन से भारत प्रभुतासंपन्न गणतंत्र बना।तभी से प्रतिवर्ष 26 जनवरी 'गणतंत्र दिवस' के रुप मे मनाया जाता हैँ।

गणतंत्र दिवस कैसे मनाते हैँ?

गणतंत्र दिवस को हम 26 जनवरी के रुप में भी मनाते हैं।इस पर्व को सभी भारतवासी बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं,इस दिन सभी स्कूल , कॉलेजो और सरकारी , गैर-सरकारी कार्यालयो मे राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है,और फिर रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं।प्रत्येक राज्य मे वहाँ के राज्यपाल ध्वज का अभिवादन करते हैैं।सड़को पर परेडे निकाली जाती हैैं,और सभी सरकारी भवनों को रोशनी से सजाया जाता हैं।यह दिन प्रेरणा का दिन हैं,प्रत्येक भारतवासी को अपने देश की एकता और अखंडता को बनाएँ रखना चाहिए,और अपनी स्वतंत्रता को बनाएँ रखने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। इस दिन पूरे भारत देश मेें राजकीय अवकाश होता है।
मेरा देश महान 

दिल्ली मे गणतंत्र दिवस पर विशेष उत्सव :

देश की राजधानी दिल्ली मे इसका विशेष आकर्षण होता है।दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र दिवस की भव्य परेड निकाली जाती हैं। इस परेड मे राष्ट्रपति की राजकीय सवारी निकलती हैँ।तीनो सेनाओं (जल ,थल और वायु)के दवारा राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी दी जाती हैं।इक्कीस तोपो की सलामी दी जाती हैँ,और इस अवसर पर हमारे देश के जवान अस्त्र-शस्त्र,मिसाइलों से अपने कोशल का प्रदर्शन करते हैं।वायुसेना के विमान आकाश मे अपने करतब दिखाते हैं।इंडियागेट से लाल-किला तक मनमोहक झाकियाँ निकाली जाती हैं।विभिनन-विभिनन स्कूलो के छात्र अपने कला का प्रदर्शन करते हैं।

● इस त्योहार का संदेश क्या हैं? 

 यह दिन हमें उन वीरों की याद दिलाता हैं जिन्होंने इस देश को आजाद कराने के लिए अनेक कष्टों को सहा और अपने प्राण को हमारे उज्जवल भविष्य के लिए न्योछावर कर दिया।उन अमर शहीदों को याद करते हुए देश की समता और अखंडता की रछा करने का संकल्प लेना चाहिए। और हमे भी अपने देश की आजादी को बनाएँ रखने के लिए सदैव तत्पर पर रहना चाहिए। हमारेँ वेबसाइट को Subscribe करें।
Read More
Online Push Me

2019 नए साल की हार्दिक शुभकामनाऍ। Happy new year 2019

आज हमारे पूरे भारत देश नए साल का आगमन होने वाला हैं। अर्थात् आज हम पुराने साल 2018 को विदा कर नए साल 2019 का स्वागत करेगे, इसलिए आप सभी को आनलाईन टैक्नो की तरफ से नए साल की  हार्दिक शुभकामनाऍ।
हम कामना करते हैं,कि आप सभी के जीवन मे नए साल की तरह एक नई ऊर्जा, नया उमग,नया जोश का विस्तार हो।
 
भारतीय पंचाग के हिसाब से नव बर्ष की शुरुआत चैत्र मास में प्रथम नवरात्रे के दिन से होता है।काफी लम्बे समय तक अंग्रेजी शासन चलने के कारण आज भी उनके मनाएँ गए त्योहारों और परम्पराओं का आभाव अभी भी देखने को मिलता हैँ। परंतु इतना कुछ होने के बाद भी हम भारतीय लोग सभी इस त्योहार को बड़े धुमधाम से मनाते है। अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक 31 दिसम्बर साल का आखरी दिन ओर 1 जनवरी से नए साल की शुरुआत होती है। नया साल व्यक्ति को अपने जीवन मे कुछ नया करने का अवसर प्रदान करता है, ताकि हम अपने जीवन मे कुछ हासिल कर सके। इस दिन सभी लोग नए - नए कपडे खरीदते है, एक दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएँ देते हैँ। घर के छोटे बड़ो का पेर छूकर अपने सफल भविष्य के लिए उनसे आर्शिवाद लेते है,ओर फिर आपस मे उपहारो का लेन-देन होता है। सभी के घरो मे तरह तरह के पकवान बनते है, सभी लोगो के मन मे एक नया उत्साह देखने को मिलता है। नए साल का जोश और उत्साह पूरे भारत देश मे एकसमान देखने को मिलता है,और यही एक समानता हमारे देश के एकता का प्रतीक है। सभी लोग साल के आखरी दिन को खुशी -खुशी विदा करते है, इस दिन सभी अपने-अपने दोस्तो,रिस्तेदारो के साथ भोज का आनंद लेते है। ओर साल के आखिरी दिन सभी रात के 12 बजने का इंतजार करते है, ताकि एक दुसरे से गले मिलकर नए साल की मुबारकबाद देते है।
नए साल के इस शुभ अवसर पर सभी अपने-अपने जीवन मे गलत आदतो को छोड़ने का प्रण लेते है।ओर साथ ही अपने जीवन मे नेक काम करने की कसम खाते है।

Resolution: चलिए खुशी के इस शुभ अवसर पर अपने जीवन मे संकल्प लेते है-

-नव वर्ष इस शुभ अवसर पर हम अपने अंदर के सभी मन-मुटाव,ईष्या,भेदभाव को दूर करके सभी के साथ मिलजुल कर रहेंगे। -हमारे भारतीय संस्कृति मे एक बहुत पुरानी कहावत है- "अतिथि देवो भव " अर्थात् अतिथि देवता के समान है।अतः धर आए अतिथि का स्वागत बहुत प्रेम,विनम्रता ओर आत्मीयता की भावना सेँ करेँगेँ। -लडकियो का सम्मान करेंगे, उनको कभी भी बुरी नजरों से नही देखेंगे। -स्वच्छ भारत अभियान के साथ जुड़कर उसमे अपना पूर्णरुप से सहयोग करेंगे। -हम अपनी संस्कृति ओर भारत देश को कभी भी छोड़ कर नहीं जाएंगे। -जीवन मे ऐसे नेक काम करेंगे ताकि हमारा ओर हमारे भारत माँ का नाम हो सकेे। -इस वर्ष हम उसी को वोट देंगे,जो सच्चा ओर ईमानदार होगाा। ताकि कोई भी हमारे ओर हमारे देश के साथ खिलवाड़ न कर सके। सही का साथ दे आपका एक वोट बहुत कीमती हैँ।
-अपने माता-पिता का बुढापेँ सहारा बनेगेँ,ओर उनका आदर और सम्मान करेँगेँ।ओर उनको कभी भी अपने सेँ दूर नहीँ करेँगेँ।
-अपनेँ सेँ बड़ो का आदर ओर छोटोँ को अपना स्नेह ओर प्यार देँगेँ।
-इस वर्ष सेँ हम अपनेँ सभी बुरी आदतो को त्याग कर अच्छी आदतो को अपनाएँगेँ।
-जीवन मेँ सदा सत्य की राह पर चलेँगेँ,ओर कभी भी बुरेँ का साथ नहीँ देँगेँ।
-ओर अंत मेँ हम यह प्रण लेते हैँ कि इस भारत माँ की शान को बनाएँ रखनेँ के लिए सदैँव तट पर रहेँगेँ।
      आपनेँ इस नव वर्ष कोन-कोन  सेँ संकल्प या मूल वचन को अपनाया हैँ अपने जीवन मेँ सफल होने के लिए। आप हमेँ कमेँट कर सकतेँ हैँ।
Read More